रुद्रप्रयाग में बड़ा हादसा टला, 50 मीटर गहरी खाई में गिरी स्कूटी
रुद्रप्रयाग,। जनपद मुख्यालय के निकट सनबैंड क्षेत्र में शनिवार प्रातः एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक स्कूटी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। स्कूटी पर सवार दो लोग रुद्रप्रयाग की ओर आ रहे थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन तंत्र, डीडीआरएफ, पुलिस एवं 108 एम्बुलेंस सेवा तत्काल सक्रिय हो गई और समय रहते दोनों व्यक्तियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार 6 जून 2026 को प्रातः 6.55 बजे सूचना दाता साबर सिंह द्वारा जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचना दी गई कि सनबैंड के समीप स्कूटी संख्या यूके-13बी-2069 अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्क्त्थ् टीम, पुलिस बल तथा 108 एम्बुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया।
मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने विषम परिस्थितियों के बीच खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान चलाया। टीम की मुस्तैदी और सूझबूझ के चलते दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दुर्घटना में सचिन कुमार (19 वर्ष), पुत्र राजकुमार, मूल निवासी बिहार एवं वर्तमान निवासी डांगसेरा-तूना रोड रुद्रप्रयाग घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद 108 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।
वहीं स्कूटी में सवार सुलेखा देवी (26 वर्ष), पत्नी राजू कुमार, मूल निवासी बिहार एवं वर्तमान निवासी डांगसेरा-तूना रोड, रुद्रप्रयाग सुरक्षित हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया गया, जिसके परिणामस्वरूप राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से संपन्न हुआ और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। स्थानीय लोगों ने भी डीडीआरएफ, पुलिस एवं 108 एम्बुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंची बचाव टीम के कारण दोनों लोगों की जान बच सकी।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी एवं घुमावदार मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें। तेज गति, असावधानी अथवा क्षणिक लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। विशेषकर बरसात एवं फिसलन भरे मौसम में यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। समय रहते हुए बचाव दल की तत्परता और समन्वित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में त्वरित प्रतिक्रिया ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा आधार है।