तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में पर्यटकों की हुड़दंगबाजी का वीडियो वायरल, देवभूमि की मर्यादा पर उठे सवाल

रुद्रप्रयाग,। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम एवं मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से प्रसिद्ध चोपता क्षेत्र में कुछ पर्यटकों द्वारा की गई अनुशासनहीनता और हुड़दंगबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं तथा सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। वायरल वीडियो में कुछ युवक वाहनों की छतों पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्लाते, शोर-शराबा करते तथा सार्वजनिक स्थान पर अनुचित व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो तुंगनाथ धाम यात्रा मार्ग एवं चोपता क्षेत्र का है, जहां प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तुंगनाथ धाम केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र और उत्तराखंड की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे में कुछ बाहरी पर्यटकों द्वारा यहां की परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और सामाजिक मूल्यों की अनदेखी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले कुछ पर्यटक धार्मिक स्थलों को पिकनिक स्पॉट समझकर व्यवहार कर रहे हैं, जिससे न केवल स्थानीय संस्कृति प्रभावित हो रही है, बल्कि अन्य श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी संस्कृति, सभ्यता, आस्था और अनुशासित पर्यटन व्यवस्था से है, जिसे किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि तुंगनाथ धाम क्षेत्र में हुड़दंग मचाने से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर संज्ञान में आए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि चारधाम एवं अन्य धार्मिक स्थलों की पवित्रता, गरिमा और मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यात्रियों एवं पर्यटकों से अपील की कि वे उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का सम्मान करते हुए जिम्मेदार पर्यटक की भूमिका निभाएं।

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