उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति रंग लाई, फायर वॉरियर्स फिल्म को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
देहरादून,। नई और बेहद मार्मिक हिंदी शॉर्ट फिल्म, फायर वॉरियर्स, को बहुप्रतीक्षित वेव्स इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल गोवा के तीसरे संस्करण में प्रदर्शित होने के लिए आधिकारिक तौर पर चुना गया है। सिनेमैटिक वेव्स का उत्सव थीम के साथ, यह फेस्टिवल 7 मई से 10 मई तक एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा, पणजी में आयोजित किया जा रहा है। यह फिल्म उत्तराखंड की अपनी कहानी है। देहरादून, उत्तराखंड के महेश भट्ट द्वारा निर्देशित इस फिल्म की आत्मा टी.आर. बीजू लाल (आईएफएस) की सच्ची डायरी में बसती है। टी.आर. बीजू लाल उत्तराखंड में सेवारत वन अधिकारी हैं, जिन्होंने उत्तराखंड के जंगलों की रक्षा करते हुए अपने जीवन के दो दशक बिताए हैं। यह दुनिया की पहली ऐसी फिल्म है जो किसी सेवारत वन अधिकारी के वास्तविक अनुभवों से सीधे तौर पर जन्मी है। कुमाऊं क्षेत्र के रामगढ़, महेश खान, टैगोर टॉप और बिनसर के लुभावने परिदृश्यों में फिल्माई गई यह फिल्म श्जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए साहस, बलिदान और संघर्ष की सच्ची कहानियाँ बयां करती है। यह फिल्म अल्मोड़ा जिले के सफल शीतलाखेत मॉडल से प्रेरित है, जहां ग्रामीण ओण दिवस मनाकर सामूहिक रूप से अपने जंगलों को आग से बचा रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात, 29 मिनट की यह फिल्म उन पांच लोगों को एक भावभीनी श्रद्धांजलि है जिन्होंने 2024 में उत्तराखंड के बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की भयानक आग त्रासदी में अपने प्राणों की आहुति दे दी।