क्षेत्र में तनाव की स्थिती को देखते हुए भारी पुलिस बल किया तैनात

 

हरिद्वार,। जिले में भगवानपुर के बिनारसी गांव में रविवार 1 फरवरी को संत रविदास की जयंती मनाई जा रही थी। इस दौरान प्रसाद वितरण कार्यक्रम में दो पक्षों में विवाद हो गया था। देखते ही देखते इस विवाद ने खूनी रूप धारण कर लिया। दो गुटों में पहले पत्थरबाजी और फिर फायरिंग हो गई। गोली लगने से दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। एक व्यक्ति ने रविवार को दिन में ही दम तोड़ दिया था।
आनंद उम्र 28 वर्ष पुत्र लक्ष्मीकांत की गोली लगने से रविवार दिन में ही मौत हो गई थी। देर रात दूसरे गुट के मांगेराम की भी मौत हो गई। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि स्थिति अभी नियंत्रण में है। लॉ एंड ऑर्डर तोड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रसाद वितरण के दौरान एक ही पक्ष के दो गुट भिड़े थे।
रविवार को घटना के बाद एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया था कि पुलिस जांच में एक लड़का और एक लड़की को लेकर कोई विवाद की बात पता चली है, लेकिन उसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। गौरतलब है कि जिस शोभायात्रा में रविवार को नाच गाना चल रहा था, अचानक शोभायात्रा के बाद प्रसाद वितरण के दौरान उसमें शामिल दो गुटों में पहले मारपीट, पत्थरबाजी और फिर फायरिंग हो गई थी। देखते ही देखते शोभायात्रा स्थल पर खून बह गया था।
गोली लगने से एक शख्स की मौत हो गई थी। तीन लोग घायल हो गए थे। घायलों में से दूसरे गुट के एक शख्स ने भी देर रात दम तोड़ दिया। जिस शख्स की मौत हुई उसका नाम मांगेराम बताया गया है। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने कहा कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में संत रविदास जयंती की शोभायात्रा संपन्न होने के बाद एक पक्ष के दो गुटों में खूनी संघर्ष में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं घायलों में दूसरे पक्ष के युवक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई है। दोनों पक्षों की तरफ से मामले को लेकर तहरीर ली जा रही है, जिसके बाद वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिनारसी गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद है। पुलिस की गांव पर पैनी नजर है। पुलिस अफसरों ने गांव के लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की है।
इस दौरान दोनों पक्षों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में फायरिंग भी शुरू हो गई। वहीं झगड़े में (28 वर्षीय) आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत निवासी ग्राम बिनारसी की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। उसका भाई विकास (25 वर्ष) और (27 वर्षीय) योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरे पक्ष के मांगेराम भी घायल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। इसी के साथ गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने शव को उठाने नहीं दिया, जिसके बाद मौके पर कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के काफी समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
बवाल के बाद पुलिस ने गांव के 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। एक पक्ष की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है। गांव में बड़ी संख्या में पीएसी तैनात है। अधिकतर लोग पुलिस के डर की वजह से अपने घर छोड़कर भाग गए हैं। बताते चलें कि हरिद्वार जनपद के भगवानपुर थाना क्षेत्र में बिनारसी गांव में एक फरवरी रविवार के दिन संत रविदास जयंती की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान एक ही पक्ष के दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। हालांकि शोभायात्रा में मौजूद कुछ लोगों ने दोनों पक्षों में बीच-बचाव कर उन्हें शांत करा दिया था। वहीं स्थिति को भांपते हुए पुलिस द्वारा जल्दबाज़ी में शोभायात्रा को संपन्न कराया गया। लेकिन शोभायात्रा समाप्त होने के बाद प्रसाद वितरण के दौरान दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने आ गए और मामले ने तूल पकड़ लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *