प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेत्रियों की पुलिस से हुई नोक-झोंक
ऋषिकेश,। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई सवालों के जवाब नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेशभर में कांग्रेस, भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। नारेबाजी के साथ ही सरकार का पुतला फूंकते हुए कथित वीआईपी के नाम का खुलासा और सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को महिला कांग्रेस ने यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने के लिए कूच किया। उत्तराखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश स्थित पौड़ी गढ़वाल जिले की यमकेश्वर सीट से विधायक रेनू बिष्ट के आशुतोष नगर आवास का घेराव करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और घेराव करने जा रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में रोक दिया।पुलिस के रोकने से महिला कांग्रेस नेता भड़क गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान ज्योति रौतेला ने बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश की। जहां उनकी पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद ज्योति रौतेला सड़क पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।
मीडिया को बयान देते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज तक विधायक रेनू बिष्ट ने एक शब्द नहीं कहा है। इसके अलावा वीआईपी कौन है? इसका जवाब भी सरकार ने नहीं दिया है। हत्याकांड में श्गट्टूश् कौन है? अब इसका जवाब मिलना भी बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार अंकिता को पूर्ण रूप से न्याय दिलाना चाहती है, तो सीबीआई जांच करने से क्यों डरती है? महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि जब तक सरकार उनके सवालों के जवाब नहीं देगी, तब तक ऋषिकेश ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस प्रकार के आंदोलन किए जाते रहेंगे।
दरअसल, हाल में ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी ने एक ऑडियो जारी करते हुए कथित वीआईपी और कथित श्गट्टूश् के नाम का खुलासा किया था। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ कांग्रेस, यूकेडी और अन्य सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। वहीं रेनू बिष्ट पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी काम करती थी, जहां उस पर दबाव डाला गया था, उसी रिसॉर्ट को रेनू बिष्ट ने जेसीबी चलाकर गिरा दिया था। कांग्रेस ने रेनू बिष्ट पर सबूतों को मिटाने का आरोप लगाया।